Sagat Lung Maa (सगत लूंग माँ )
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आईये आज सगत लूँग माँ के दर्शन के साथ याद करते हैं वे दिव्य पल, के जब लूँग माँ धुपेड़ा में धूपिया रख कर माँ हिंगलाज का आव्हान करते थे और जोत में अग्नि अपने आप प्रज्वलित हो जाती थी ,और कभी देर हो जाती तो माँ किस तरह माँ हिंगलाज से बात किया करते और आव्हान करते थे और हर हाल में जोत प्रज्वलित होती और हम सभी दर्शन कर धन्य होते थे ।आईये ईस्वी संवत 2017 के आगमन को माँ जोगमाया सगत लूँग माँ के दिव्य और दुर्लभ दर्शनों के साथ अविस्मरणीय बनाते हैं । हे माँ हिंगलाज स्वरूपा आपका अनंत स्नेह और आशीष हम भक्तों पर सर्वदा यूँ ही बनी रहे आपका आशीर्वाद जीवन के प्रत्येक पल में हमारे साथ रहे इन्ही शुभेच्छाओं के साथ सादर I सगत लूँग माँ धाम में संध्या वंदन के इस भव्य वीडियो दर्शन के साथ गौर कीजिए अपने आप गतिमान इस घंटी पर । इसके ठीक सामने स्थित घंटी मंदिर की अन्य घंटियों की तरह स्थिर रहती हैं मगर यह घंटी आरती के समय अपने आप गतिमान हो उठती हैं । कभी आप भी पधारकर इस चमत्कार को स्वयं जरूर देखें ।या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता नमस्तत्स्ये नमस्तत्स्ये नमस्तत्स्ये नमो नमःIसंकटो कीजो सायता सरवत दीजो साथ।
बेल आवजो बीस हथ हर दम हाथों हाथ। 1
भय दुःख पीड़ा भांगजे दीजे सुख दातार।
कष्ट मन तन सब काट्जे आय लूंग अवतार।
?छंद नाराच?
करो कृपाय लूंग माय निरखाय नजरे।
सदा सहाय आप आय भरमाय भज रे।
हरो दुखाय कष्ट काय जनताय जम रे।
खमा खमाय लूंग माय सुख थाय समरे जी आय बेल हमरे
2 देवी दयान वळदरान आशियान आविया।
मैया मेतान अजितान पि भुरान पाविया।
जपे जपान हिंगलान सुबे शान सम रे।
खमा खमाय लूंग माय सुख थाय समरे जी आय बेल हमरे
3 करो सुखाज हिंगलाज राजकाज राजिया।
भरो हिंयाज शब्द ताज कंठ साज काजिया।
बसो मुखाज रचनाज ड़िंगळाज डम रे।
खमा खमाय लूंग माय सुख थाय समरे जी आय बेल हमरे
4 कथूं कथन शुद्ध तन मान मन माय रे।
पूरी प्रसन देत कन अरज सुन आय रे।
दीजे दरसन प्रातः पन धान धन धम रे।
खमा खमाय लूंग माय सुख थाय समरे जी आय बेल हमरे
5 हुवे हुलास प्रात राश छबि ख़ास देखता।
मिटे मलास शोक त्रास भय भ्रास भेंटता।
आवे ओजास खूब ख़ास गम ग्रास गम रे।
खमा खमाय लूंग माय सुख थाय समरे जी आय बेल हमरे
6 मेटो विकार नरनार कुअचार करम रा।
त्रिशूलधार दे अपार सुविचार श्रम रा।
तूँ ही आधार सेवगार मोह मार भृम रे।
खमा खमाय लूंग माय सुख थाय समरे जी आय बेल हमरे
7 रीझे रिझान ईहगान हिंय आन हेत रे।
टीका टीकान दहेजान मदपान मेट रे।
करो कल्याण बाळकान दे सुज्ञान दम रे।
खमा खमाय लूंग माय सुख थाय समरे जी आय बेल हमरे
8 सिद्धि अपार सुख सार किरतार केवणा।
भजूं दातार त्रश तार ले उवार लेवणा।
हरे हजार कष्ट कार आप द्वार अम्ब रे।
खमा खमाय लूंग माय सुख थाय समरे जी आय बेल हमरे
9 नमूं नमाय मस्तकाय मढ़ माय मात रे।
हिंये बसाय लूंग माय पलकाय पात रे।
सदा सहाय बेल आय राजनाय रम रे।
खमा खमाय लूंग माय सुख थाय समरे जी आय बेल हमरे
??छपय??
लूंग मात लाजाळी सगत हिंगलाज सरूप ।
लूंग मात लाजाळी आई भगत अनूप।
लूंग मात लाजाळी अबखी वेला आय।
लूंग मात लाजाळी गुण राजन तव गाय।
अबखी वेळा आवजे भांगेज पीड़ भगत।
कवि राजन अंक राखजे सहाय कीजे सगत।
जय हो लूंग माँ रीसगत लूँग माँ मढ़ में हो रही ज्योत में त्रिशूल और उसके ऊपर लहराती ध्वजा और मातेश्वरी के भव्य दर्शनों के साथ
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